ये सब क्या नाटक है भाई ?लिब्रहान आयोग, २६/११, मंहगाई ,शेयर मार्केट ये सब क्या है भाई ?ये अखबार वाले भाई भी कमाल करते हैं भाई |इन्हें क्या कोई खबर नहीं मिलती|क्या सारा देश इन्ही तीन -चार शब्दों के चक्रव्यूह में जा अटका है ?अरे भाई हर सुबह एक ही खबर पढ़ते -पढ़ते हम तो झल्लाहट से भरे पड़े हैं भाई|पागल होने -होने को हो जाता है मेरा दिमाग |
शुक्रवार, 27 नवंबर 2009
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