आवाज और शब्द की दुनिया के दोस्तों को मेरा नमस्कार साथियों मैं हूँ अमर ,काम से नहीं सिर्फ़ नाम से \पता नहीं माँ-बाप बच्चों का नाम इतना बेवकूफी भरा क्यों रख देते हैं अमर --भाई वाह करोड़ों वर्षों तक दानवों ने कोशिश की कि वे अमर हो जाएँ लेकिन अंत में निराशा ही हाथ लगी और मैं भला कैसे जन्म लेते ही अमर हो गया ये तो मेरे माँ बाप ही बता सकते हैं तो साथियों ये सवाल छोड़कर हम आगे बढ़ते हैं और आते हैं राइट वाइस पर
सब कुछ ग़लत है जहाँ वहाँ कोई आवाज सही कैसे हो सकती है ?लेकिन है एक सही आवाज उसे मैं सुनाता हूँ आज भी ,कल भी और हर रोज भी तो इंतजार कीजिये सही आवाज का
सोमवार, 2 नवंबर 2009
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